
चेस्ट कैंसर Breast cancer
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जिसमें आस्थान कोशिकाओं का विभाजन सामान्य नियंत्रण के अधीन नहीं रहता ,चेस्ट कैंसर के लगभग 80% दुग्ध वाहिनी यो से संबंधित होते हैं. अन्य है 20% लोब्यूल्स से जुड़े होते हैं कई बार ट्यूमर (गांठ) इतनी धीमी गति से बढ़ते हैं की जब तक महसूस करें तब तक देर हो जाती है. स्तन कैंसर में लोब्युल्स या डक्ट असामान्य कोशिकाएं सेल फुटकर आसपास के उत्तको में फैल जाती है जिससे उन्हें आक्रमणकारी कैंसर कहते हैं.
—दूसरा कार्सिनोमा (इनसीटू) के नाम से जाना जाता है. इस कैंसर के असामान्य कोशिकाएं दुग्ध ग्रंथियों मैं बढ़ती है इन्हें इनसीटू यानी प्लेस कहा जाता है हार्मोन का प्रभाव स्तन कैंसर की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका रुलाता है.
डिंब ग्रंथि ओवरी मे निर्मित होने वाले कुछ हार्मोन इस रोग को बढ़ाते हैं. हार्मोन कई प्रकार के होते हैं. परंतु उनमें प्रोजेस्ट्रोन टेस्टी वीरान और एस्ट्रोजन मुख्य है । स्त्रियों में प्रोजेस्ट्रोन एवं एस्ट्रोजॉन हार्मोन पाए जाते हैं जब इन हार्मोन मैं असामान्य वृधि होती है तो कैंसर की संभावना बढ़ जाती है
लक्षण उस ट्यूमर जिनमें लक्षणों को बताना कठिन होता है
प्रमुख लक्षण
चुचक से स्त्राव होना
चुचक स्तन के मध्य भाग मे होता है जिसमें 15 से 20 दुग्ध वाहिनीयो का मुख खुलता है स्तन के स्नायु कोषों में दुग्ध ग्रंथियां होती है प्रत्येक ग्रंथि को अपनी स्वतंत्र नालीका होती है जिससे चुचक तक दुग्ध पहुंचता है.
जब चुचक से रक्त स्राव होने लगता है तो दुग्ध लाल नलीकाओ मैं कैंसर होता है
स्तन में गाँठ हो जाती है ।कभी छूने से दर्द होता है ।कुछ स्तन कैन्सर में दर्द नही होती।
जब चुचक से रक्तस्राव होने लगता है तो दुग्ध वहिनियों में केन्सर होता है । उस ओर के चुचक के चारों ओर से स्तनमंडल का अकार छोटा हो जाता है ।उपर के त्वाचा में परिवर्तन होने लगता है
आरम्भ में स्तन पर एक छोटी गाँठ होती है ।
कभी कभी दुध की रसौली भी बन जाती है
जिस स्तन में केन्सर होता है उस ओर के चुचक में उभर दिखाई देता है ।
उपचार
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जॉंच- वायोप्सी जांच , कभी कभी स्तन पर एक छोटी गाँठ उठती है । जिससे बगल में गिल्टि नही होती ।
परन्तु धीरे- धीरे ये ग्लिटीयाँ कठोर हो जाती है ।
— शल्य चिकित्सा- पुर्ण स्तन को निकाल देना
यानी मेस्क्टोनी किया जाता है ।
आयुर्विज्ञान- आयुर्वेद के माध्यम से शल्य चिकित्सा की जरुरत नही परती है ।
आयुर्वेद- औषधियों के द्वारा स्तन कैन्सर को सम्पुर्ण रुप से उपचार कर दिया जाता है
— मै खुद अभी तक 300 स्तन कैन्सर का सफल उपचार किया है
आयुर्वेद ओषधि
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1— भस्म — सिंगरक सफेद भस्म +अभ्रक भस्म +प्रवाल पिष्टी +लौह भस्म +ताल सिन्दूर +ताम्र भस्म +सवर्ण भस्म + अपृता तुलसी बीज +हीरक भस्म +कामदुग्धा +वैक्रान्त भस्म + रस सिन्दूर +गिलोस्त्व +mayurpichha bhasm +Gandhak Rasayan
( सभी 500ं mg ) अच्छे तरह से मिलाकर 30 पूरीया बना ले । सुबह – शाम 1 -1 पुरीया शहद के साथ लें ।
2- Gojivha
3- kanchnar kwath — use in 2 spoon kwath + 2 spoon water – Day -Night
4- Rasnadi gugglu+ mahayograj gugglu -use in — 1-1 tablet दोनो में से सुबह शाम शहद से लें ।
5.Aarogya vardhani vati + kachanar gugglu — use in 2- 2 tablet Day – Night
With Got milk
Complementary Treatment
Cancer is regarded as a fatal and complicated disease. It is a disease that is known to grow out of control and affect the surrounding tissues and the organs. When, over a period of time, toxins collect at the site of a particular organ; it may result in fatal growth in its surrounding cells. The groups of cells accumulate and produce swelling at the site. Nearby cells and tissues are also affected if the toxins are not removed as the diseased cells are circulated to other parts of the body through the blood stream. Cancer treatment in Ayurveda works on improving the quality of life of the patient through rejuvenation and improving the immunity.
–Lung cancer Treatments
— prostate cancer ,skin cancers, Brain cancer ,stomach cancer , liver cancer .
Blood cancer , Bone cancer ,Breast cancer ,servical cancer , Femele Genital cancer – any cancer
Not.– Sitting at home through video call, showing the patient, showing the test, can ask for the full course of medicine
सम्पर्क सूत्र- Dr. U.Kumar
BAMS , MD BHU Vvaransi
oncologist.
Mobile- 8294088919
singhumesh64305@gmail.com